अल्मोड़ा- देश के 26 राज्यों एवं 03 केन्द्रशासित प्रदेशों में चयनित 152 नगर निकायों में भूमि का आधुनिक विधि से सर्वेक्षण / पुर्नसर्वेक्षण से सम्बन्धित भारत सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट नक्शा National Geospatial Knowledge-Based Land Survey of Urbanhabitations (Naksha) कार्यक्रम का शुभारम्भ के अवसर पर नगर निगम सभागार में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। नगर निगम, अल्मोड़ा सहित उत्तराखंड के अन्य 03 नगर निकायों (किच्छा, भगवानपुर, नरेन्दगनगर) का चयन नक्शा प्रोजेक्ट के लिए किया गया है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, अल्मोड़ा द्वारा अवगत कराया गया कि नक्शा प्रोजेक्ट का लक्ष्य शहरी क्षेत्र के पुराने भूमि अभिलेखों के असंगठित रिकार्ड को आधुनिक विधियों के माध्यम से तैयार करना है। जिससे पारदर्शिता, दक्षता, प्रभावशीलता और आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके। नगर निगम अल्मोड़ा में भूमि / सम्पत्ति का डिजिटलाईजेसन ड्रोन एवं आधुनिक उपकरणों के माध्यम से तीन चरणों में किया जायेगा। प्रथम चरण में नगर क्षेत्र का ड्रोन उपकरणों के माध्यम से एरियल सर्वे किये जाने के बाद फील्ड सर्वे द्वारा प्राप्त किये गये डेटा को एकत्रीकृत करते हुए तैयार किये गये अभिलेखों में दावे एवं आपत्ति आमन्त्रित किये जाने के बाद शिकायतों के निवारण उपरान्त भू-स्वामित्व संबंधी अभिलेखों का प्रकाशन किया जायगा।
नक्शा प्रोजेक्ट योजनान्तर्गत शहरी भूमि रिकॉर्ड के रखरखाव, तेजी से हो रहे शहरीकरण और नागरिकों के लिये महत्तवपूर्ण सम्पत्ति अभिलेखों की पहुँच, स्वामित्व विवाद संबंधी कानूनी प्रक्रिया, खराब भूमि दस्तावेजीकरण से सम्पत्ति खरीद-बिक्री जटिल होना आदि चुनौतियों से निपटने के लिए नक्शा प्रोजेक्ट की महत्ता के संबंध में अवगत कराया गया। नक्शा कार्यक्रम की उपयोगिता के संबंध में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह चौहान तथा पूर्व पालिका अध्यक्ष श्री प्रकाश चन्द्र जोशी द्वारा अपने विचार कार्यशाला में रखे। कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा योजना के संबंध में की गयी पृच्छाओं का समाधान भी किया गया। भारतीय सर्वेक्षण विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा नगर निगम सभागार में आधुनिक विधि तथा ड्रोन मैपिंग के माध्यम से नगर निगम के सम्पूर्ण क्षेत्र में किये जाने वाले सर्वेक्षण के विषय में विस्तृत जानकारी से अवगत कराया गया।
नक्शा प्राजेक्ट के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों तथा प्रोजेक्ट के लाभ के विषय में कार्यशाला में मा० महापौर अजय वर्मा द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रोजेक्ट के पूर्ण होने पर नगर क्षेत्र में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटालाईजेशन से पारदर्शी तंत्र विकसित होने से भूमि संबंधी विवादों में कमी आयेगी तथा शहरी क्षेत्र में नियोजन हेतु त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लिये जा सकेगें।
कार्यक्रम में मा० महापौर अजय वर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, सहायक नगर आयुक्त भरत त्रिपाठी, नायब तहसीलदार, राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी एवं पार्षद गण नेहा टम्टा, आशा बिष्ट, जानकी पाण्डे, वन्दना वर्मा, चंचल दुर्गापाल, मधु बिष्ट, रीना टम्टा, एकता वर्मा, कमला किरौला, नवीन चन्द्र आर्य, राधा मटियानी, पूनम वर्मा, हेम चन्द्र तिवारी, श्याम पाण्डे, संजय कुमार जोशी, कुलदीप सिंह मेर, गुंजन सिंह चम्याल, पुष्पा नेगी, भुवन चन्द्र तिवारी, जगदीश प्रसाद, अनूप भारती, दीपक कुमार, वैभव पाण्डे, विकास कुमार आर्या, प्रदीप चन्द्र आर्य, दीप चन्द्र जोशी, देवेश बिष्ट, मुकेश कुमार डैनी, अर्जुन सिंह बिष्ट, इन्तेखाब आलम कुरेशी, इन्द्र मोहन सिंह भण्डारी, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सर्वेक्षक अधिकारी राजेन्द्र कुमार, सहित नगर निगम कर्मचारी धीरज कुमार काण्डपाल, हरीश चन्द्र सिंह बिष्ट, हरीश चन्द्र भण्डारी, पवन प्रसाद पाण्डे, मिनिका टाकुली, बसन्त बल्लभ पाण्डे उपस्थित रहे।
अल्मोड़ा: नगर निगम के सभागार में आयोजित हुई “नक्शा- एक शहरी सर्वेक्षण कार्यक्रम” कार्यशाला
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