अल्मोड़ा- गुरुवार को अल्मोड़ा के कर्बला में स्थित विवेकानंद द्वार के समक्ष मदिरा की दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने को लेकर पार्षदों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। हस्ताक्षर पत्र में कहा गया कि स्वामी विवेकानंद का अल्मोड़ा यात्रा भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। यह कहा जाता है कि वे “कर्बला” से “खजांची मोहल्ला” तक घोड़े पर यात्रा करते हुए पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा उनके आत्मिक विकास और संदेश फैलाने के प्रयासों से जुड़ी हुई है।
स्वामी विवेकानंद अपने भारत भ्रमण के दौरान देशभर में आत्म-जागरण, आत्म-निर्भरता और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाने के लिए निकले थे। उनकी अल्मोड़ा यात्रा भी इसी उद्देश्य का हिस्सा थी, जहाँ उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया। इस यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की गहरी समझ प्राप्त हुई, जो बाद में उन्होंने अपने उपदेशों और भाषणों के माध्यम से साझा की।
आज वही विरासत वही संस्कृति खतरे में है।
अल्मोड़ा प्रवेश द्वार करबला में विवेकानंद द्वार के समक्ष एक विदेशी मदिरा की दुकान इस इतिहास पर आज भारी पड़ रही है। अल्मोड़ा की समस्त जनता आज इस दुकान के खिलाफ है ।
हस्ताक्षर पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से निवेदन किया गया कि इस दुकान को जल्द से जल्द वहां से स्थानांतरित करने की कृपा करें। आप लगातार अल्मोड़ा की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम विभिन्न माध्यमों से कर रहे है इसलिए आज सभ्रांत जनता आपसे अल्मोड़ा की संस्कृति में लग रहे इस काले धब्बे को हटाने की विनती करती है। हस्ताक्षर अभियान मे पार्षद मधु बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, दीपक कुमार, अनूप भारती, विकास कुमार, गुंजन चम्यल, वैभव पांडेय,गौरव भंडारी सचिव छात्र संघ, हेमंत मेहरा, राहुल,गोविंद, रंजना, बसंत कांडपाल, रोहित बोरा आदि शामिल रहे।
अल्मोड़ा: विवेकानंद द्वार के समक्ष मदिरा की दुकान को स्थानांतरित किये जाने को लेकर चलाया हस्ताक्षर अभियान
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